पिछले वर्ष आई दैवी आपदा के बाद राज्य के खराब हालात चार धाम यात्रा सुचारू रूप से नहीं चलने दे रहे हैं और इधर अधिकारी हैं कि डिजास्टर की ट्रेनिंग लेने के लिए जापान रवाना हो गए हैं।
वैसे भी मानसून आने वाला है और ऐसे वक्त राज्य में रहकर बंदोबस्त करने के बजाय अफसरों का आठ दिन के लिए जापान में भूकंप की ट्रेनिंग लेने जाना सवाल खड़े करता है।
दो आईएएस व दो मुख्य अभियंताओं वाली यह टीम बुधवार को जापान के लिए रवाना हो गई और वापसी 28 मई को होगी।
पीडब्लूडी विभाग के प्रभारी सचिव अमित सिंह नेगी, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव नीतेश कुमार झा, पीडब्लूडी विभाग के ही दो मुख्य अभियंता जीएस बंसल व केके श्रीवास्तव बुधवार को जापान के लिए रवाना हो गए हैं।
ट्रेनिंग के नाम पर खर्च होंगे लाखों
लाखों रुपए खर्च कर अफसरों की यह टीम जापान में एक सप्ताह तक डिजास्टर मैनेजमेंट की ट्रेनिंग लेगी। राज्य में पहले से ही आपदा का बुरा हाल है, यहां तो कोई सुधार हुआ नहीं लेकिन इस जापानी ट्रिप पर मोटी रकम खर्च किए जा रहे हैं।
जून 2013 में आई दैवी आपदा के बाद कहीं सुधार की सूरत नहीं दिखी, बड़ी बात यह हुई कि इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा नहीं होने से चार धाम यात्रा में बाधा उत्पन्न हो रही है। यहां जमीन पर काम करने के बजाय नौकरशाहों व अभियंताओं की इस टीम ने जापान का रुख किया।
एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि जापान का डिजास्टर उत्तराखंड से भिन्न है। वहां भूकंप से जान-माल का नुकसान होता है और यहां बारिश, भूस्खलन से तबाही होती है।
विदेश यात्राओं के बहाने सैर सपाटा
विदेश यात्राओं के नाम पर पहले भी लाखों रुपए पानी की तरह बहाए गए लेकिन राज्य को कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसी यात्राएं हुई कि जिन्हें लेकर तमाम सवाल उठे।
दो ढाई वर्ष पहले भी मौजूदा सीएस सुभाष कुमार व एसीएस राकेश शर्मा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दुबई की यात्रा पर गए। जबकि दुबई का पर्यटन उत्तराखंड से पूरी तरह भिन्न है।
पिछले वर्ष परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश अफसरों की फौज के साथ आस्ट्रेलिया में परिवहन व्यवस्था का अध्य्यन करने पहुंचे, लेकिन उसका इम्पैक्ट भी विभाग में अब तक नहीं दिखा।