पेयजल निगम में तबादला होकर आए एक ईई इन दिनों खूब चर्चा में है। दरअसल पहले भले ही इन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हों, लेकिन दून आकर इनके कामकाज का तरीका ही बदला हुआ है।
मैं कैसे काम करूं?
अधिकारी ने बकायदा व्हाट्स एप पर सभी जूनियर्स का ग्रुप बनाया हुआ है। उनसे पल-पल की फील्ड की खबर ली जा रही है। यही नहीं जूनियर्स से पूछ भी रहे हैं कि मैं कैसे काम करूं।
अब सवाल यही उठ रहे हैं कि अधिकारी यह सब अपनी छवि सुधारने के लिए कर रहे हैं या वो वाकई में यहां काम करने के मूड से आए हैं। कारण जो भी हो अधिकारी का यह रवैया इन दिनों खूब चर्चा में है।
सर ये खबर रहने दीजिए
जल संस्थान के एक अधिकारी के पास कुछ पत्रकार बैठे थे। अधिकारी बोले ठहरिए मैं आपको अभी एक कमेटी गठन की खबर देता हूं।
उन्होंने अपनी जूनियर को बुलाया और कागज हाथ में लेकर बोले यह खबर सही रहेगी। जूनियर अधिकारी बार-बार टोकती रही कि सर कुछ और खबर दे दीजिए, यह रहने दीजिए। इसमें अभी बदलाव होने हैं।
आखिरकार अधिकारी ने बात मान ली और वो खबर जूनियर को वापस करते हुए बोले कि मैं आपको कोई दूसरी खबर देता हूं। जूनियर का यह रवैया वहां बैठे पत्रकारों की कुछ समझ में नहीं आया।