उत्तराखंड में नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार अब तीन सौ करोड़ से अधिक के निवेश पर वैट में शत प्रतिशत छूट देगी।
इंडस्ट्रीयल कोरिडोर स्थापित
गुरुवार को मंत्रिमंडल के फैसले के तहत टैक्स छूट औद्योगिक इकाई स्थापित करने के 10 वर्ष तक जारी रहेगी। सरकार ने यह फैसला केंद्र के कोलकता से पंजाब के बीच इंडस्ट्रीयल कोरिडोर स्थापित करने की योजना के तहत लिया है।
दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर (डीएमआईसी) की तर्ज पर अब केंद्र अमृतसर दिल्ली कोलकता इंडस्ट्रियल कोरिडोर स्थापित कर रहा है। पूर्वी कोरिडोर स्थापित करने के लिए अंतर मंत्रिमंडलीय समूह की हरी झंडी मिल गई है और जनवरी में केंद्रीय मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिल जाएगी।
राज्य सरकार ने कोरिडोर को देखते हुए इंडस्ट्री के लिए टैक्स छूट देने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के मुताबिक कोरिडोर का डेढ़ सौ किलोमीटर लंबा हिस्सा उत्तराखंड के मैदानी जनपदों से होकर गुजरेगा, जिसका फायदा राज्य सरकार पूरी तरह से उठाना चाहती है।
कुल लागत का पचास फीसदी
तीन सौ करोड़ से अधिक निवेश करने वाली कंपनी को तभी वैट में पचास फीसदी छूट मिलेगी जब कुल लागत का पचास फीसदी यानि कम से कम 150 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश राज्य में करे।
सरकार की मंशा है कि पूंजी निवेश करने वाली इंडस्ट्री सिर्फ टैक्स लाभ लेने की फिराक में अपने उद्योग की एक छोटी इकाई बनाकर फायदा न उठा ले। इसके लिए उसे 50 फीसदी पूंजी निवेश करना होगा।