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नर्सों की हड़ताल जारी, इमरजेंसी भी लड़खड़ाई

Sat, 12 Sep 2015 02:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नर्सों की हड़ताल से अस्पताल के सर्जिकल वार्ड, जनरल वार्ड और बच्चा वार्ड के साथ ही अब इमरजेंसी पर भी असर पड़ने लगा है। जिले के दून अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं भी लड़खड़ाने लगी हैं।
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दून अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आमतौर पर औसतन प्रतिदिन 15 मरीज भर्ती रहते हैं। जिन मरीजों को सामान्य वार्ड के लिए रेफर किया जाता है, उनकी संख्या अलग है। इमरजेंसी में ज्यादातर सड़क दुर्घटना, झगड़े में घायल, सिर की चोट और अचानक तबियत बिगड़ने वाले मरीज रहते हैं।

इमरजेंसी में ऐसे मरीजों को ग्लूकोज, दवा, इंजेक्शन देने का काम नर्सों द्वारा किया जाता है। इसके लिए इमरजेंसी में छह नर्सों की ड्यूटी रहती है। लेकिन आजकल इमरजेंसी कक्ष में कम मरीज पहुंच रहे हैं। जो मरीज आ भी रहे हैं, वे जल्द ही डिस्चार्ज होना चाहते हैं। या रेफर करने के लिए कह रहे हैं।
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महिला अस्पताल का भी हाल बेहाल

यही हाल महिला अस्पताल के लेबर रूम का है। यहां भी ट्रेंड नर्स न होने के कारण गर्भवती महिलाएं पीड़ा झेल रही हैं। डॉक्टर इसी कोशिश में रहती हैं कि किसी तरह सामान्य डिलीवरी हो जाए। अत्यधिक दर्द बढ़ने पर ही उन्हें एमओयू के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्थिति संभाली जा रही है। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि सीजेरियन के लिए गर्भवतियों को निशुल्क उपचार के लिए पैनल में शामिल निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

हड़ताल पर रही, धरना दिया
शुक्रवार को पांचवें दिन भी नर्सों ने नर्सेज आवास परिसर में धरना दिया। नर्सों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। राजकीय नर्सेज एसोसिएशन की प्रांतीय प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने बताया कि सरकार चाहे जेल भेजे या वेतन काटे इस बार नर्सें ग्रेड पे बढ़वाकर ही हड़ताल खत्म करेंगी।
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फार्मासिस्टों ने कहा हमारा ग्रेड पे नहीं है ज्यादा

ग्रेड पे पर फार्मासिस्ट और नर्सों में तकरार बरकरार है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएस कलूड़ा और मुख्य प्रवक्ता बीएस पयाल ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि नर्सें बेवजह फार्मासिस्ट के ग्रेड पे पर विवाद कर रही हैं। फार्मासिस्ट का ग्रेड पे नर्सों से ज्यादा नहीं है।

नर्स का ग्रेड पे जहां 4600 रुपये है, वहीं फार्मासिस्ट का ग्रेड पे आज भी 4200 रुपये है। नर्सों को अतिरिक्त भत्ता भी मिलता है। उन्होंने कहा कि नर्सें अपनी लड़ाई लड़ें, फार्मासिस्ट को विवाद में न लाएं।

उधर, नर्सेज एसोसिएशन की प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने कहा कि फार्मासिस्ट खुद ही नर्सों के आंदोलन पर बार-बार टिप्पणी कर रहे हैं। नर्सें अगर अपने ग्रेड पे बढ़ाने की जायज मांग पर लड़ रही हैं, तो फार्मासिस्ट को क्यों दिक्कत हो रही है।
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