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देश में कई अहम ऑपरेशनों को अंजाम दिलवा चुके हैं एनएसए अजीत डोभाल, पढ़िए उनके बारे में खास बातें

Wed, 05 Jun 2019 08:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने खुफिया विभाग में ज्यादातर काम किया है। कहा जाता है कि वह कई साल पाकिस्तान में खुफिया जासूस रहे हैं। उन्होंने नार्थ-ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में खुफिया जासूसी की है। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी दूरदर्शिता के बल पर कई अहम ऑपरेशनों को अंजाम दिया है।

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ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान उन्होंने एक गुप्तचर की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका। 

1999 में इंडियन एयरलाइंस आईसी-814 को काठमांडू से हाईजैक कर लिया गया था। तब अजीत को भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार बनाया गया था। कश्मीर में उन्होंने उग्रवादी संगठनों में घुसपैठ कर ली थी।

 उन्होंने उग्रवादियों को ही शांतिरक्षक बना दिया था। उन्होंने एक प्रमुख भारत-विरोधी उग्रवादी कूका पारे को अपना सबसे बड़ा भेदिया बना लिया था।

80 के दशक में ललडेंगा के नेतृत्व में मिजो नेशनल फ्रंट ने हिंसा और अशांति फैला रखी थी, लेकिन तब डोभाल ने छह कमांडरों का विश्वास जीत लिया था। इसका नतीजा यह हुआ था कि ललडेंगा को शांतिविराम का विकल्प अपना पड़ा था।

डोभाल ने 1991 में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट द्वारा अपहरण किए गए रोमानियाई राजनयिक लिविउ राडू को बचाने की सफल योजना बनाई थी। 
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अजीत ने पूर्वोत्तर भारत में सेना पर हुए हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई थी। भारतीय सेना ने सीमा पार म्यांमार में कार्रवाई कर उग्रवादियों को मार गिराया।

भारतीय सेना ने म्यांमार की सेना और एनएससीएन खाप्लांग गुट के बागियों सहयोग से ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 30 उग्रवादी मारे गए हैं।
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