सुरक्षा कारण
वन विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, मानव-वन्यजीव संघर्ष उत्तराखंड के लिए एक बड़ी चुनौती है। लाख कोशिश के बाद भी मानव-वन्यजीव संघर्ष में उत्तराखंड, देश के शीर्ष तीन राज्यों की जमात में शामिल है। वर्ष 2001 से लेकर अब तक वन्यजीवों के हमले से 995 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4858 लोग घायल हो चुके हैं। लिहाजा, यह माना गया कि कार्बेट चारों ओर से गांवों से घिरा हुआ है। ऐेसे में जनहानि का खतरा भी बढ़ जाएगा।
एके-47 से लैस फोर्स
गैंडों के सींग की तस्करी सबसे बड़ी चुनौती है। दस गैंडे आने के बाद सबसे बड़ी चुनौती असम की तर्ज पर उनकी सुरक्षा को ऐसी फोर्स बनाने की होगी, जो एके-47 से लैस हो। इससे भी सरकार का खर्च बढ़ जाएगा। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक पराग मधुकर धकाते का कहना है कि इस फोर्स और उसके हथियारों पर ही बड़ा बजट खर्च हो जाएगा।
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कार्बेट में गैंडे लाने का जो फैसला था, वह इस बोर्ड बैठक में विलोपित कर दिया गया है। गैंडे लाने से एक ओर जहां आर्थिक बोझ बढ़ता तो दूसरी ओर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती भी बढ़ जाती। वहीं गैंडों की सुरक्षा करना भी मुश्किल काम था।
-पराग मधुकर धकाते, चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन