प्रदेश में स्थित ऑक्सीजन प्लांटों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के एमडी ने यह आदेश दिए। उन्होंने विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को दो नोडल अधिकारी भी तैनात कर दिए हैं, जो एमडी को रोजाना की रिपोर्ट देंगे।
शुक्रवार को हुई वर्चुअल बैठक में एमडी डॉ. नीरज खैरवाल ने ऋषिकेश में तैनात अधिशासी अभियंता के साथ हुई अनहोनी पर दुख जताते हुए सभी को कोविड से सुरक्षित रहते हुए काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसके लिए ऑक्सीजन का उत्पादन भी जरूरी है। उत्पादन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ऑक्सीजन प्लांटों की बिजली आपूर्ति की 24 घंटे निगरानी की जाए। कहा कि प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट से जुड़े फीडर का निरीक्षण करने के साथ ही सभी लाइनों से टहनियां आदि हटवाई जाएं। ताकि बिजली आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो।
यूपीसीएल के एमडी ने निर्देश दिए कि हर ऑक्सीजन प्लांट के एक किलोमीटर के दायरे में एक यूपीसीएल का अधिकारी तैनात रहेगा, जो कि लगातार पेट्रोलिंग करेगा। ताकि ब्रेकडाउन होने पर तुरंत बिजली आपूर्ति की जा सके। जिन जिलों में ऑक्सीजन प्लांट हैं, वहां एक-एक असिस्टेंट इंजीनियर बतौर नोडल अधिकारी तैनात किया गया है, जिसके पास 24 घंटे बिजली आपूर्ति की पूरी सूचना रहेगी।
हर जिले के अधीक्षण अभियंता को यह भी कहा गया है कि वह संबंधित जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से समन्वय बनाकर रखे, ताकि अचानक बिजली जाने पर समस्या का समाधान किया जा सके।
हरिद्वार और देहरादून के लिए अधिशासी अभियंता मोहन मित्तल और नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के लिए शिशिर श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कोरोना से बचाव के तहत सभी उपखंडों के लिए 10-10 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है, ताकि वह मास्क व सैनिटाइजर खरीद सकें।
राजधानी देहरादून के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अब 24 घंटे पहले ऑक्सीजन की डिमांड देनी होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसीटेटर स्थापित करने और लिक्विड ऑक्सीजन की डिमांड भी समय से देने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इंतजामों की समीक्षा कर रहे थे।
डीएम ने कहा कि जिले में ऑक्सीजन का संकट नहीं है। ऑक्सीजन वितरण की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि किसी भी अस्पताल में दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम मुख्यालय प्रेमलाल को नोडल अफसर की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूर्व नोडल अफसर व महाप्रबंधक उद्योग शिखर सक्सेना और सह नोडल अफसर डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी उनके नेतृत्व में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सीएमओ को सभी अधिकृत अस्पतालों में बेड, सैंपलिंग और टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पोर्टल पर तत्काल एंट्री करने, पूरा पता दर्ज करने और यात्रा विवरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
आरोग्यधाम अस्पताल, सुभारती और विकासनगर स्थित लेहमन अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्ट की व्यवस्था बनाने को भी कहा। जिलाधिकारी ने दमकल विभाग को अस्पतालों में पावर हाइडेंट सिस्टम की जांच करने के भी निर्देश दिए।
29335 लोगों का किया कम्यूनिटी सर्विलांस
देहरादून जिले में शुक्रवार को 29335 लोगों को कम्यूनिटी सर्विलांस किया गया। इनमें से 56 लोगों में संक्रमण पाया गया। शुक्रवार को कुल 1605 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 47947 हो गई है। इसमें से 35646 लोग उपचार के बाद ठीक होकर लौट चुके हैं। 10697 लोगों का उपचार चल रहा है। शुक्रवार कुल 6661 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।