ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की निगाह अब ऋषिकेश की आईडीपीएल पर गई है। इसके बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को प्रदेश सरकार ने शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का कहना है कि इस प्लांट के शुरू होने पर अन्य राज्यों की ऑक्सीजन की कमी को भी दूर किया जा सकता है।
शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आईडीपीएल ऋषिकेश के ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया और इसको पुनर्जीवित करने के लिए आईडीपीएल के जीएम एवं तकनीकी स्टाफ से बातचीत की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि आईडीपीएल के ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए उर्वरा एवं रसायन मंत्री से भी बात की जाएगी।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भी बात की
आईडीपीएल के आक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भी बात की। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक आईडीपीएल ने लंबे समय तक देश और विदेशों में अनेक प्रकार की दवाइयां सप्लाई की थीं। अब लंबे समय से आईडीपीएल बंद है। यहां स्थित ऑक्सीजन प्लांट भी 15 साल से बंद है। एक समय था जब यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन तैयार की जाती थी।
देश भर की ऑक्सीजन की कमी कुछ हद तक दूर करने में सक्षम
विधानसभा अध्यक्ष ने दावा किया कि आईडीपीएल के ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित किया जाए तो देश भर में ऑक्सीजन की किल्लत को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
कोविड की कई दवाइयां बन सकती हैं
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आईडीपीएल में कोविड से संबंधित दवाइयां भी बनाई जा सकती हैं। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री उर्वरा व रसायन मंत्री को पत्र लिखा था। आईडीपीएल के महाप्रबंधक गंगा प्रसाद अग्रहरि, जयपाल त्यागी, अरविंद चौधरी, रमेश चंद्र शर्मा, सुंदरी कंडवाल, महावीर चमोली, तिलक चौहान, अनार सिंह चौहान आदि लोग उपस्थित थे।