फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब मलिन बस्तियों पर भी लगेगा हाउस टैक्स

Thu, 11 Feb 2016 04:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम में मंगलवार को कार्यकारिणी की बजट संबंधी बैठक में मलिन बस्तियों पर हाउस टैक्स लगाने का प्रस्ताव पारित हो गया।
विज्ञापन


अब मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों को भी भवन कर देना होगा। बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों ने मलिन बस्तियों से गृहकर नहीं वसूलने को गलत नीति मानते हुए निगम की आय बढ़ाने के लिए इसे जरूरी बताया।

इसके अलावा बैठक में प्रतिदिन हर ऑटो से 10 रुपये शुल्क वसूलने और नगर क्षेत्र में हर ठेकेदार का नगर निगम में पंजीकरण अनिवार्य करने के प्रस्ताव भी पारित किये गए।
विज्ञापन



मंगलवार को मेयर विनोद चमोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगम की आय का बड़ा हिस्सा वेतन आदि में खर्च होने के कारण विकास कार्यों के लिए बजट की कमी पर चिंता जताई गई।

कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निगम की आय बढ़ाने के प्रस्ताव पास किए। नगर निगम सीमा में किसी भी विभाग के ठेकेदार के लिए निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया।

पंजीकरण शुल्क 1500 रुपये होगा। ऑटो चालकों से प्रतिदिन हर ऑटो 10 रुपये पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। इसमें ऑटो यूनियनों का सहयोग लिया जाएगा। यदि वे सहयोग नहीं करेंगी तो निगम यातायात विभाग की मदद से यह वसूली करेगा।

निगम की भूमि बचाने पर चर्चा
बैठक में डिफेंस कालोनी स्थित मछली तालाब पर निगम की भूमि बचाने पर चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि वहां माफिया सक्रिय हैं और करोड़ों की भूमि निगम के मालिकाना हक से छूट जाएगी। सात साल से मामला लटका है। बैठक में तय किया गया कि सभी मिलकर माफिया के खिलाफ शासन में शिकायत करेंगे। राजस्व विभाग से मामले की जांच कराई जाएगी। बैठक में महिपाल धीमान, नीरज सेठी, राकेश बुटोला, मनमोहन धनई, नगरायुक्त नितिन भदौरिया, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल, वरिष्ठ वित्त अधिकारी आर. पंत, ओएसडी हर्षवर्द्धन मिश्रा समेत कार्यकारिणी के बारह सदस्य शामिल हुए।

वसूली करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने कहा कि नगर निगम के कार्मिक ही निगम को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे रोजाना सौ से लेकर दो सौ रुपये सब्जी फल रेहड़ी पटरी वालों से वसूल लेते हैं। लेकिन सारी कमाई उनकी जेब में जाती है। ऐसे कार्मिकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने कहा कि नगरायुक्त इस मामले की जांच करेंगे।

इन पर भी हुई चर्चा
एमडीडीए के विकास शुल्क व स्टांप ड्यूटी का जो हिस्सा मिलता था, उसे दुबारा शुरू किया जाए
पार्षदों और स्थानीय लोगों की सहमति से नगर निगम क्षेत्र में 50 स्थानों पर मोबाइल टॉवर लगाए जाएं
नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए रोड टैक्स दोबारा शुरू करने पर भी बैठक में विचार किया गया

विज्ञापन से बढ़ी है आय: मेयर
मेयर विनोद चमोली ने कहा कि हम गृहकर के मामले में दस करोड़ रुपये के लक्ष्य को छू लेंगे। व्यावसायिक कर पर सरकार ने रोक लगा रखी है। साथ ही निगम द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव लंबित हैं। विज्ञापनों से जहां 35 लाख रुपये की आय होती थी, वहीं अब आय छह करोड़ तक जा पहुंची है। राज्य वित्त की सिफारिशों को लागू किया जाए। अगर ऐसा होता है तो 40 फीसदी होने वाली आय का नुकसान रुक जाएगा।
विज्ञापन


पूरी कमाई की खर्च
देहरादून नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में वर्ष 2015-16 बजट पर चर्चा हुई। मूल बजट 132 करोड़, 38 लाख, 63 हजार 777 रुपये का था। पुनरीक्षित बजट 146 करोड़ सात लाख, 43 हजार व 961 रुपये का है। इस राशि को नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में टारगेट किया है। 30 सितंबर 2015 तक निगम को 89 करोड़, 83 लाख, 53 हजार-441 रुपये की आय हो गई है। जिसे निगम ने पूरा खर्च भी कर दिया है। बैठक में रखे गए आय और खर्च के ब्योरे में 30 सितंबर 2015 तक निगम का खर्च भी 89 करोड़, 83 लाख, 53 हजार, 441 रुपये बताया गया। 30 सितंबर तक आय भी इतनी ही बताई गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें