आभा आईडी बनाने का कार्य भी तेज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्टेट कॉर्डिनेटर उत्तराखंड को तकनीकी टीम के साथ देहरादून भेजा है।टीम ने प्रदेशभर के सभी जन सुविधा केंद्रों (सीएससी) की मैपिंग कर एनएचए पोर्टल पर आ रही लॉगिन समस्या को दूर कर लिया है। प्रदेश में आभा आईडी बनाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
सभी शिक्षण संस्थानों को पांच वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राओं के आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए गए। 26 सितंबर से दो अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जिलों में आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने का अभियान चलाया जाएगा।
प्रत्येक जनपद को 10 हजार आभा आईडी व 5 हजार आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, अभियान के दौरान प्रत्येक जनपद को प्रतिदिन 10 हजार आभा आईडी व 5 हजार आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है। सभी जनपदों के सीएम को इस संबंध में निर्देश दिए गए। सीएमओ को प्रत्येक दिन की रिपोर्ट से स्वास्थ्य महानिदेशालय व शासन को देनी होगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये भी पढ़ेंं...उत्तराखंड: प्रदेश की सबसे वीआईपी पुलिस चौकी का ऐसा हाल, सीमेंट गोदाम में चल रही, एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा
डीएम संभालेंगे आयुष्मान भव अभियान की कमान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, आयुष्मान भव अभियान के लिए जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रत्येक जिलाधिकारी अपने जनपदों में स्वास्थ्य विभाग समेत समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, पंचायतीराज, शहरी विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाएंगे। डीएम प्रत्येक दिन अभियान की समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।