कैंट बोर्ड के कर्मचारियों का स्थानांतरण भी अब एक कैंट से दूसरे कैंट में हो पाएगा। रक्षा मंत्रालय ने छावनी बोर्ड कर्मचारी सेवा नियम 2021 जारी कर दिया है।
दरअसल, कैंट बोर्ड कर्मचारी सेवा नियम में अभी तक स्थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं था। इससे कैंट बोर्ड का कर्मचारी जहां सेवा करता है, वहीं से सेवानिवृत्त होता है। उनका स्थानांतरण देश के अन्य कैंटों में दूर एक ही प्रदेश या जिले के कैंटों में भी नही होता था। रक्षा मंत्रालय की ओर जो छावनी बोर्ड कर्मचारी सेवा नियम 2021 जारी किया है। इसमें अब स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है। अब अन्य विभागों की तरह कैंट बोर्ड के कर्मचारियों का स्थानांतरण एक कैंट से दूसरे कैंट में हो पाएगा। हालांकि इसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छूट दी गई है। नए प्रावधान से एक ही कैंट में लंबे समय से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की तलवार लटक गई है। इसके अलावा अब किसी भी नियुक्ति, पदनाम, प्रमोशन के लिए जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ कमान की स्वीकृति लेना जरूरी होगा। कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन के पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह कंडारी ने कहा कि नए सेवानियम में स्थानांतरण का प्रावधान होने से कैंट बोर्डों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा और कैंट बोर्ड अधिकारी और कर्मचारी अब अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। उधर, सीईओ कैंट बोर्ड देहरादून तनु जैन ने कहा कि अभी नोटिफिकेशन का अध्ययन नहीं किया गया है।