जल जीवन मिशन के तहत 170 पानी के कनेक्शन लगाने की बात सामने आई थी, जिस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मामले में जांच हुई तो पता चला कि पानी के 70 ही कनेक्शन लगे थे। 100 कनेक्शन पुराने थे जो कि इस योजना में दिखाकर बिल वसूल किया गया।
जल जीवन मिशन के कामों में घपले पर पेयजल निगम ने अपने रिटायर्ड अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जबकि अधिक पैसा लेने वाले ठेकेदार से वसूली के आदेश जारी किए हैं। मामला पौड़ी के कल्जीखाल विकासखंड के नलई गांव का है।
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यहां जल जीवन मिशन के तहत 170 पानी के कनेक्शन लगाने की बात सामने आई थी, जिस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मामले में जांच हुई तो पता चला कि पानी के 70 ही कनेक्शन लगे थे। 100 कनेक्शन पुराने थे जो कि इस योजना में दिखाकर बिल वसूल किया गया। मामले में पेयजल निगम प्रबंधन ने जांच बैठाई थी।
मुख्य अभियंता पौड़ी ने मामले की जांच की। उन्होंने पाया कि ठेकेदार संजय डबराल को जल जीवन मिशन का काम दिया गया था। उन्होंने नौ दिसंबर 2020 को काम शुरू किया और आठ जनवरी 2021 को पूरा करना था। जांच में पाया गया कि 70 नए कनेक्शन लगाकर 165 कनेक्शनों के अनुसार भुगतान कर दियाग या।
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पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक उदयराज सिंह के निर्देश पर महाप्रबंधक प्रशासन वसीम अहमद ने मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता पीसी गौतम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गौतम अब रिटायर हो चुके हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में गलत तरीके से ठेकेदार को 12 लाख 25 हजार 398 रुपये अधिक का भुगतान कर दिया।
अधिशासी अभियंता को नोटिस के साथ यह भी बताया गया है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो इसकी वसूली उनसे की जाएगी। वहीं, मामले में अधिक पैसा लेने वाले ठेकेदार से भी छह लाख 23 हजार 707 रुपये वसूली का आदेश जारी किया गया है। यह राशि ठेकेदार के एफडी व अन्य देयकों से काटी जाएगी।