तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों से हो रही घटतौली की शिकायतों के बाद कई नए हथकंडे अपनाए हैं। पंपों पर नई और हाईटेक टेक्नोलॉजी के उपकरण लगाए गए ताकि पेट्रोल पंप वाले तेल की घटतौली व चोरी न कर सकें।
इसके बावजूद प्रदेश के पेट्रोल पंप वाले घटतौली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। विधिक माप विज्ञान विभाग ने एक अप्रैल 2015 से 29 फरवरी 2016 तक कुल 119 मामले पकड़े हैं, जबकि इसकी संख्या पिछले साल यानी एक अप्रैल से 28 फरवरी 2015 तक मात्र 92 मामले थी।
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल कंपनी ने अपने ज्यादातर पेट्रोल पंपों को ऑनलाइन व डिजिटल कर दिया है ताकि तेल चोरी पर अंकुश लगाया जा सके। जीपीआरएस सिस्टम, आटो मिशन मशीन, बीटीएस आदि की सुविधा पेट्रोल पंपों पर है।
इसके बावजूद भी पेट्रोल पंप के कर्मचारी तेल चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। विधिक माप विज्ञान ने प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण किया। घटतौली की शिकायत पर जांच व घटतौली पकड़े जाने पर कार्रवाई की।
इस साल विभाग ने पेट्रोल व डीजल पंपों पर कुल 1298 बार निरीक्षण किया। इसमें से 32 पेट्रोल पंपों पर घटतौली और 87 अन्य मामले पकड़े गए। इनके खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की। इन पेट्रोल पंपों में से ज्यादातर पहाड़ के हैं, जिन्होंने घटतौली की।
ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर है यह सुविधा:
देहरादून। तेल कंपनियों ने अपने-अपने पेट्रोल पंपों पर नई डिवाइस आटो मिशन मशीन लगवा दी है। इस मशीन से एक ओर ग्राहकों को तेल भरवाते समय संतुष्टी होगी, वहीं कंपनियों को भी इससे कई तरह के फायदे हैं।
ग्राहक तेल भरवाने के बाद इस मशीन के माध्यम से जानकारी ले सकता है कि उसके वाहन में कितने रुपये का तेल डाला गया है। मशीन के माध्यम से ग्राहक को पूरी जानकारी दी जा सकती है कि उसने कौन से मशीन से कितने बजे कितने रुपये का तेल भरवाया है।
इसके अलावा अगर कोई कर्मचारी मशीनों से छेड़छाड़ करता है तो पेट्रोल पंप संचालक व कंपनी के कंट्रोल रूम मेें तत्काल इसकी सूचना मिल जाएगी।
ईंधन की निगरानी वीटीएस की जिम्मेदारी:
पेट्रोल पंप वाले तथा कंटेनर वाहन चालक इतनी आसानी से ईंधन चोरी नहीं कर पाएंगे। इन पर नकेल कसने के लिए ऑयल कंपनियों ने सभी पेट्रोल पंप तथा कंटेनरों में वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) लगा दिया है।
इस सिस्टम से ईंधन की चोरी पर ब्रेक के साथ कंटेनर वाहनों तथा पेट्रोल पंपों की निगरानी की जा सकती है। अगर कोई कंटेनर चालक ईंधन के लॉकर से छेड़छाड़ व ईंधन चुराने का प्रयास करता है तो तुरंत हेड ऑफिस में अलार्म बज जाएगा।
ऐसे होती है घटतौली:
पेट्रोल पंप के कर्मचारी ग्राहक की नजर पर ध्यान रखते हैं। ग्राहक जैसे ही जेब से पर्स निकालकर पैसा निकालने की कोशिश करता है, इस दौरान नोजल से कुंडी मार दी जाती है। इसके अलावा कई बार कर्मचारी मीटर को शून्य नहीं करते हैं। इसके अलावा मशीन से छेड़छाड़ कर घटतौली के लिए जुगाड़ कर दिए जाते हैं।
इस साल पेट्रोल पंपों पर घटतौली के मामले बढ़े हैं। हमारी टीम ने कई बार शिकायत पर तो कई बार औचक निरीक्षण कर घटतौली पकड़े। टीम लगातार अपने क्षेत्र में काम कर रही है। किसी उपभोक्ता को किसी भी चीज में घटतौली की शिकायत है तो वह कार्यालय में कर सकता है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-एमएस नेगी, उप नियंत्रक विधिक माप विज्ञान