न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर आरोपी पक्ष ने 22 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को चुनौती दी। 26 जुलाई 2019 को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। सिविल जज (सि.डि)/एसीजेएम न्यायालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
इसके बाद सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी के माध्यम से जनहित में केस वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। एसीजेएम/सिविल जज (सी.डि) विनोद कुमार बर्मन ने सुनवाई के बाद प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया और शिक्षा मंत्री समेत 22 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
पूर्व में गिरफ्तार दो आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
जसपुर में एनएच पर यातायात अवरुद्ध करने और उन्माद फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद जसपुर पुलिस ने 31 अगस्त को ग्राम मनोरथपुर निवासी हरप्रीत सिंह हैप्पी और पतरामपुर निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को सिविल जज (सि.डि.) /एसीजेएम न्यायालय की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में आरोपियों के जमानती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली थी।