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जल विद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे

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देहरादून जिले के अंतर्गत आने वाली जल विद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। आलम यह है कि निगम प्रबंधन के पत्र भेजने के बावजूद पुलिस महकमे की ओर से जल विद्युत परियोजनाओं को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा रही है। जबकि, यह परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं हैं।
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इन परियोजनाओं से रोजाना कई मेगावाट का बिजली का उत्पादन किया जाता है। इससे उत्तराखंड के साथ ही यूपी और हिमाचल प्रदेश को भी बिजली का आवंटन किया जाता है। ऐसे में पुलिस महकमे की यह चूक कभी भी इन परियोजनाओं पर भारी पड़ सकती है। देहरादून जिले के अंतर्गत पछवादून में कुल्हाल, छिबरो, खोदरी, ढकरानी और ढालीपुर पावर हाउस आते हैं। साथ ही यहां डाकपत्थर बैराज और आसन बैराज क्षेत्र भी हैं, जो राष्ट्रीय महत्व से खासा महत्वपूर्ण हैं। अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौरान इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सशस्त्र पुलिस फोर्स तैनात रहता था, लेकिन राज्य गठन के बाद फोर्स को यहां से हटा लिया गया।
यह हाल तब है जब खुफिया विभाग भी इन परियोजनाओं पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती जरूरी बता चुका है। जुलाई 2019 में निगम प्रबंधन खुफिया विभाग की रिपोर्ट का हवाला देकर प्रशिक्षित सशस्त्र जवानों की तैनाती की मांग पर पुलिस महकमे को पत्र तक लिख चुका है बावजूद अब तक निगम प्रबंधन को पुलिस महकमे की ओर से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं।
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सशस्त्र जवानों की तैनाती से मजबूत होगी सीमा
डाकपत्थर बैराज से ही शक्तिनहर निकलती है। इसी नहर पर ढकरानी और ढालीपुर डैम का संचालन होता है। जबकि, आसन बैराज नदी से कुल्हाल बांध के साथ ही यूपी के भी कई डैम संचालित होते हैं। ऐसे में यदि यहां पर सशस्त्र जवानों की तैनाती हो तो बैराज क्षेत्र के साथ ही इन डैमों की सुरक्षा भी पुख्ता होगी। डाकपत्थर बैराज से ही हिमाचल प्रदेश के खोदरी की सीमा भी सटी हुई है। ऐसे में पुलिस जवानों की तैनाती से हिमाचल से होने वाली तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर भी रोक लग सकेगी।
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कहां कितने जवानों की मांग
जल विद्युत निगम प्रबंधन ने इच्छाड़ी, छिबरो, डाकपत्थर बैराज और आसन बैराज के लिए 32 प्रशिक्षित सशस्त्र जवान उपलब्ध कराने की मांग की है। निगम इन जवानों का वेतन, भत्ते और अन्य व्यय का भार भी उठाने को तैयार है। बावजूद अब तक इन परियोजनाओं को सशस्त्र जवान उपलब्ध नहीं हो सके हैं।
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पुलिस से जवानों की तैनाती के लिए पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला है।
- विमल डबराल, जनसंपर्क अधिकारी, जल विद्युत निगम
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थाना स्तर पर पहले से ही जल विद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए निर्देश हैं। निगम प्रबंधन की तरफ से गार्ड तैनाती का अनुरोध किए जाने की बात उनके संज्ञान में नहीं है। यदि प्रबंधन की तरफ से कोई पत्र आता है तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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- प्रमेन्द्र डोभाल, पुलिस अधीक्षक देहात
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