उत्तराखंड विधानसभा सदन में पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने अपने बयान से सरकार की किरकिरी करा दी। सवालों पर पर्यटन मंत्री ऐसे लड़खड़ाए कि उन्होंने 2013 में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को शून्य बता दिया।
एक बार फिर मामले को संभालने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत को मोर्चा संभालना पड़ा। गुरुद्वार को इस पर मदन कौशिक ने कहा कि 2013 में दैवी आपदा में ही दस हजार लोगों की जान गई है, ज्यादातर तीर्थ यात्री थे और पर्यटन मंत्री कहते है कि कोई नहीं आया।
कौशिक ने पूछा कि दैवी आपदा के बाद चारधाम यात्रा को सुरक्षित साबित करने के लिए सरकार ने क्या किया। पर्यटन मंत्री ने कहा कि मैंने और स्वयं मुख्यमंत्री ने मुंबई, गोवा, दिल्ली में जाकर टूर ट्रेवल आपरेटर यूनियनों के साथ बैठक कर सुरक्षित चार धाम यात्रा के बारे में बताया।