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पुलिस की मदद को नहीं आया कोई

Sat, 17 Aug 2013 01:29 PM IST
रुड़की/ब्यूरो
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जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ने वाले सिपाही सुनित नेगी की मदद को कोई भी नहीं आया। बदमाश एक के बाद एक गोली सिपाही पर चलाते रहे, लेकिन घटनास्थल से सटे घरों से किसी ने बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझा।
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जब मौके पर पहुंचे दरोगा संजय रावत और अन्य पुलिसकर्मी लहूलुहान हालत में जांबाज सिपाही को झाड़ियों से निकालकर

लाए तो उन्होंने लोगों से कार लाने की मदद मांगी। लेकिन लोगों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया।

इसी बीच सिपाही शहीद हो गया। घटनास्थल पर पुलिस बदमाशों को तलाशने के लिए लोगों से टार्च मांगती रही। लेकिन किसी ने टार्च तक उपलब्ध नहीं कराई और न ही वहां प्रकाश की व्यवस्था की।

मुठभेड़ की खबर सुनकर पुलिस भी आनन-फानन में मौके पर पहुंची थी। पुलिस अधिकारी मान रहे है कि यदि कालोनी के लोग हिम्मत दिखाते तो बदमाशों की घेराबंदी हो सकती थी।
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गांव के लोगों ने दिखाई हिम्मत
पुलिस मुठभेड़ के दौरान कालोनी के लोग भले ही बाहर न निकले हों, लेकिन गंगनहर कोतवाली से सटे पाडली गुर्जर गांव के लोग काफी संख्या में हथियार लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
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पुलिस की मदद के लिए लोग मौके पर पहुंचकर बदमाशों को तलाश करते रहे। गांव के लोगों की तरह यदि कालोनीवासी भी हिम्मत दिखाते तो शायद बदमाश पकड़ में आ जाते।

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