- दीपावली पर बढ़ता है झुलसने का खतरा, बीते साल 22 लोग पहुंचे थे अस्पताल
- गहरे घाव वाले मरीजों को हायर सेंटर भेजना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। पछवादून के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान विकासनगर उप जिला अस्पताल में आग से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए बर्न वार्ड की सुविधा नहीं है। अस्पताल में केवल सतही तौर पर झुलसे मरीजों के उपचार की व्यवस्था है। त्वचा के ऊतक तक जलने पर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान झुलसने की घटनाओं की आशंका के बीच अस्पताल की यह कमी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान आग से झुलसने के मामले सामने आते हैं। बीते वर्ष दीपावली पर 22 लोग झुलसने के बाद उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि सभी मरीज मामूली रूप से झुलसे थे और उनका उपचार अस्पताल में ही कर दिया गया था। इस बार भी पर्व के दौरान ऐसे मामले बढ़ने की आशंका है। वहीं, पछवादून क्षेत्र में हर साल आग लगने की 100 से अधिक घटनाएं होती हैं। ऐसे में क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए बर्न वार्ड की जरूरत और बढ़ जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि अस्पताल में मामूली रूप से झुलसे मरीजों के उपचार की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन गंभीर रूप से जलने वाले मरीजों के लिए बर्न वार्ड और विशेष चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।