मांग पूरी न होने पर वह 23 अक्तूबर को हॉस्टल छोड़कर घर चले गए थे। जंतर-मंतर दिल्ली में आंदोलन के बाद एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) ने एनआईटी जयपुर के खाली भवनों में तीन साल के लिए सेटेलाइट कैंपस चलाने का निर्णय लिया था।
छात्रों से दोनों स्थानों में किसी भी एक स्थान चुनने का विकल्प दिया गया था। इसके बाद उनके कक्षाओं में लौटने की संभावना बन गई थी। वर्तमान में एनआईटी उत्तराखंड के शिक्षक और कर्मचारी दोनों स्थानों में तैनात हैं।
जो रोस्टर में जयपुर तैनात रहेंगे। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने बताया कि दोनों परिसरों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। सुबह 8 से रात 9 बजे तक कक्षाएं चल रही हैं।