स्थानीय ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान निशंक ने एनएचएआई और कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों से निर्माण हो रही देरी को लेकर जवाबतलब किया। अधिकारियों ने जब उन्हें बताया कि पुलिया के निर्माण का टेंडर कर दिया गया है तो इस पर निशंक भड़क उठे और उन्होंने तत्काल पुलिया के आसपास के गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी गड्ढे भरने में नाकाम है तो वह स्वयं ग्रामीणों के साथ मिलकर इन्हें भरेंगे।
गड्ढे आज से ही भरेंगे, पेमेंट के लिए चाहे मैं भीख मांगनी पड़े
अफसरों ने जब पुलिया निर्माण के टेंडर की बात कही तो तमतमाएं निशंक ने कहा कि काम आज ही शुरू होगा। गड्ढे आज ही भरे जाएंगे। इसका भुगतान चाहे उन्हें अपनी जेब से ही क्यों न करना पड़े? वह लोगों से भीख मांग कर पैसा जुटाएं, चाहे जो उपाय करें, काम आज ही शुरू होगा। उनके तल्ख तेवरों से अफसरों की हवाइयां उड़ी हुई थी।
जब बजट की व्यवस्था थी, तो गड्ढे क्यों नहीं भरे
इस दौरान निशंक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। उसमें यह तय हो गया था कि एनएच निर्माण के दौरान कम से कम गड्ढों को अवश्य भरा जाएगा। इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद गड्ढों को नहीं भरा गया।