काश मां जिंदा होतीं...! उनकी कमी हर मोड़ पर खलती है। पिता (रमेश पोखरियाल निशंक) के प्रचार का रंग भी कुछ और होता।
हरिद्वार संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी निशंक की बेटी आरुषि चुनाव प्रचार के दौरान मां की कमी शिद्दत से महसूस कर रही है।
पिता के लिए वोट मांगने सुबह-सवेरे क्षेत्र में निकल रही आरुषि को इल्म ही नहीं कि सुबह कब शाम में तब्दील हो रही है।
न डांस कर पा रही हैं न प्रैक्टिस
दुख है तो यह कि वह न डांस कर पा रही है और न ही प्रैक्टिस। इतनी थकान हो जाती है कि 300 घुंघरुओं का बोझ सहने को पैर तैयार नहीं होते।
बस कन्वेंसिंग के ही चक्कर में सब घनचक्कर है। एमबीए करने के बाद अब पीएचडी कर रहीं आरुषि को अपनी पढ़ाई के लिए भी वक्त नहीं मिल पा रहा।
घर को भी करना पड़ रहा मैनेज
आरुषि को पिता के प्रचार के साथ ही घर भी मैनेज करना पड़ रहा है। दो छोटी बहनों को वक्त पर खाना, पिता के खाने-पीने का ध्यान सब कुछ वही कर रही हैं।
राहुल गांधी को करती हैं पसंद
आरुषि निशंक को राहुल गांधी भी पसंद हैं। बकौल आरुषि उन्होंने भी बहुत काम किया है, लेकिन राजनीतिक तौर पर उन्हें अभी भी थोड़ा परिपक्व होने की जरूरत है।
मां की मित्र मंडली, एफबी भी सहारा
मां कुसुम पोखरियाल की शिक्षिका मित्र काफी संख्या में हैं। वह भी पिता निशंक के प्रचार में जीजान से जुटी हैं। बकौल आरुषि वह खुद भी फेसबुक के सहारे वोट की अपील कर रही हैं।
डाक्टर की सलाह पर चल रहे पिता
आरुषि के बकौल पिता प्रचार के दौरान डाक्टर की सलाह पर चल रहे हैं। भरपूर पानी पीने के साथ ही फलों का सेवन कर रहे हैं, ताकि ऊर्जा बनी रहे।
मोदी के लिए भी मांग रही वोट
बकौल आरुषि पिता निशंक के साथ ही नरेंद्र मोदी को भी पीएम बनाने की जनता से गुजारिश की जा रही है। केंद्र में वह होंगे तभी तो पार्टी के सहारे पिता आगे जाएंगे।
लोग मांगते हैं बिजली, पानी, सड़क
हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में प्रचार के दौरान हर उम्र के मतदाता से पाला पड़ा है। हर किसी को बिजली, पानी, सड़क से जुड़ी दिक्कत है। वह यही मांगते हैं।