दून नगर निगम में मेयर पद के दो नामांकन पर निरस्त किए गए हैं। दो नामांकन पत्र हरिद्वार जिले में खारिज किए गए हैं। इसके अलावा, पिथौरागढ़, रानीखेत, खटीमा, अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग, डोईवाला, टिहरी, चमोली और पौड़ी में अध्यक्ष पद के एक-एक नामांकन के निरस्त होने की सूचना मिली है। दोनों मंडलों में सभासदों के 65 से ज्यादा नामांकन निरस्त हुए हैं। देहरादून नगर निगम में पार्षद के 14 आवेदन निरस्त किए गए हैं। अब शनिवार को नाम वापसी होनी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए होमवर्क पूरा कर लिया है। पहले शुक्रवार को इनकी तैनाती की उम्मीद थी, लेकिन अब शनिवार को इस संबंध में आदेश किए जा सकते हैं। आयोग के सूत्रों के अनुसार पर्यवेक्षकों की तैनाती के लिए दिन भर होमवर्क किया गया। उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को सामने रखते हुए पर्यवेक्षकों की तैनाती का खाका खींचा गया।
बड़कोट से भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी जशोदा राणा का नामांकन रद्द होने पर पार्टी ने अंतिम क्षणों में बागी प्रत्याशी कृष्णा राणा को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी घोषणा की।
बड़कोट से नगर पालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा का नाम नगर की मतदाता सूची में दर्ज नहीं होने के कारण उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। इससे पहले उन्होंने हाईकोर्ट में सिंगल बैंच से याचिका खारिज होने के बाद डबल बैंच में याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी।
हाईकोर्ट ने देहरादून नगर निगम की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज होने के आधार पर उनकी याचिका खारिज की कर दी गई। जबकि इस विवाद से पूर्व जशोदा राणा अपने गांव कंसेरू की मतदाता सूची से भी अपना नाम कटवा चुकी हैं। ऐसे में उनकी जिला पंचायत की सदस्यता के साथ ही अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भी खतरा मंडराने लगा है। अब इस मामले में पंचायती राज विभाग को निर्णय लेना है।
इधर, बागी प्रत्याशी को पार्टी सिंबल मिलने को लेकर भाजपा नेताओं का कहना है कि इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को अवगत कराया गया है। जानकारों की मानें तो नामांकन कराने के बाद बागी प्रत्याशी कृष्णा राणा को बगैर पार्टी सिंबल के भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना होगा।