मृत्युंजय मिश्रा को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद से हटाकर आयुष विभाग में अटैच करने के सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ ने मृत्युंजय मिश्रा की याचिका पर यह आदेश दिया है।
सरकार ने 20 अप्रैल को मृत्युंजय मिश्रा को आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुल सचिव पद से हटाकर आयुष विभाग में अटैच कर दिया था। मिश्रा ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याची का कहना था कि सरकार को किसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को हटाने का अधिकार नहीं है। वहीं, विश्वविद्यालय के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही है, इस वजह से उन्हें हटाया गया।