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निकाय चुनाव 2018: लेखा टीम ने मेयर पद के प्रत्याशी से पूछा, चार रुपये की चाय कहां मिल रही है?

Wed, 31 Oct 2018 10:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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नेताजी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
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मेयर साहब, चार रुपये की चाय कहां मिल रही है? नाश्ता भी 60 रुपये प्रति व्यक्ति से कम कहां मिलता है? आपने 20 रुपये प्रति यूनिट दिखा रखा है। मेयर प्रत्याशियों को लेखा टीम के कुछ ऐसे ही सवालों का सामना करना पड़ा। 

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कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार कार्यालय में मंगलवार सुबह से ही मेयर और पार्षद प्रत्याशियों की भीड़ जुट गई। ज्यादातर प्रत्याशी मौके पर ही निर्वाचन व्यय का फार्म भरते दिखाई दिए। वहीं, मेयर प्रत्याशियों के अधिकृत एजेंट भी व्यय का ब्यौरा जमा कराने पहुंचे। लेखा टीम ने जब उनके खर्चों को देखा, तो चाय-नाश्ता के साथ ही खाने का खर्च अपेक्षाकृत काफी कम दिखाया गया, जिस पर आपत्ति जताई गई। वहीं पार्षदों की ओर से भी व्यय काफी कम दिखाया गया। ऐसे प्रत्याशियों को जांच के बाद नोटिस भेजा जाएगा।

मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जांच करने के बाद बुधवार को गलत ब्यौरा जमा करने वाले मेयर और पार्षद प्रत्याशियों को नोटिस भेजा जाएगा। बता दें कि नामांकन से मतगणना तक प्रत्याशियों को पांच-पांच दिन के खर्च का लेखा-जोखा निर्वाचन अधिकारी के पास जमा कराना होगा। इसी क्रम में मंगलवार को पहला दिन था। 
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पहली बार इन खर्चों का देना होगा ब्यौरा
- निर्वाचन कार्यों के लिए मोबाइल, ब्राडबैंड, इंटरनेट नंबर तथा किस-किस नाम से आवंटित हैं। 
- वार्ड में बनाए गए चुनावी कार्यालयों के पते एवं वहां नियुक्त प्रभारी, सहायक का नाम, पता एवं दूरभाष नंबर। 
- निर्वाचन कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या, उनका प्रकार एवं नंबर, किन-किन वाहनों में कितने लाउड स्पीकर लगे हैं। 
- उम्मीदवार के सूक्ष्म एवं पूर्ण नमूने के हस्ताक्षर। 
- अधिकृत व्यक्ति, मुख्य निर्वाचन अभिकर्ता का नाम, पता, मोबाइल, दूरभाष नंबर एवं प्रमाणित हस्ताक्षर। जिनके माध्यम से व्यय विवरण पेश किया जाएगा। 
- उम्मीदवार का पूरा पता (आवासीय एवं मुख्य कार्यालय), दूरभाष तथा मोबाइल नंबर। 

प्रत्याशियों के निर्वाचन व्यय की सीमा 
उम्मीदवार            अधिकतम व्यय सीमा 
नगर प्रमुख, नगर निगम         16 लाख 
उप नगर प्रमुख, नगर निगम     2 लाख 
पार्षद, नगर निगम            2 लाख 
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
वार्ड 10 तक             4 लाख 
वार्ड 10 से अधिक     6 लाख 
सदस्य, नगर पालिका परिषद     60 हजार 
अध्यक्ष, नगर पंचायत            2 लाख 
सदस्य, नगर पंचायत        30 हजार   
 

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