प्रदेशभर से 4500 पेंशनरों को पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है।
- फोटो : Demo Pic
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर निगम, निकाय और प्राधिकरण कर्मियों के संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके तहत विभिन्न दफ्तरों में गेट मीटिंग कर कर्मचारियों को आंदोलन के लिए लामबंद भी किया जा रहा है।
आंदोलन के पहले चरण में कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह राजपुर रोड स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम मुख्यालय पर गेट मीटिंग की।
मोर्चा के मीडिया प्रभारी रवि पचौरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में कर्मचारी नेताओं को आश्वस्त किया था कि निगम, निकाय और विभिन्न प्राधिकरणों के कार्मिकों को भी सातवें वेतन आयोग का लाभ राज्य कर्मचारियों की भांति दिया जाएगा। जबकि कैबिनेट में इसके विपरीत निर्णय लिया गया।
संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक संतोष रावत और संयोजक एसपी पंत ने कर्मचारियों से 23 दिसंबर को परेड ग्राउंड में होने वाले धरने में शामिल होने की अपील की। शाम को एमडीडीए कार्यालय में गेट मीटिंग की गई। वक्ताओं ने कहा कि राज्य कर्मियों की भांति सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
26 दिसंबर को प्रदेश भर में मोर्चा से जुड़े कर्मचारी कार्य बहिष्कार भी करेंगे। इस मौके पर सूर्य प्रकाश रणकोटी, गजेंद्र कपिल, रमेश बिंजोला, प्रवीन रावत, बीपी बहुगुणा, टीएस पंवार, आशीष उनियाल, गिरीश चंद्र जोशी, रमेश चंद्र नेगी आदि शामिल रहे।