इस मामले में दोनों पक्षों के बीच जिरह और सुनवाई पूरी होने के बाद बीते शनिवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव खुल्बे ने 25 सितंबर तक फैसला सुरक्षित रखा था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने पैरवी की।
ये हैं घोटाले के आरोपी और उन पर लगी धाराएं
डीपी सिंह एसएलओ, भगत सिंह फोनिया एसडीएम, संजय कुमार चौहान पेशकार, राम समुझ अनुसेवक, अनिल कुमार संग्रह अमीन, मदन मोहन पलड़िया तहसीलदार, भोले लाल तहसीलदार, विकास कुमार पेशकार, अनिल कुमार एसडीएम, नंदन सिंह नगन्याल एसडीएम, मोहन सिंह तहसीलदार, संतराम पेशकार, अमर सिंह चकबंदी अधिकारी, गणेश चकबंदी अधिकारी, तीरथ पाल सिंह पर 167, 218, 219, 409, 420, 465, 466, 471, 120 बी 34 आईपीसी व 13-(1) घ पीसी एक्ट, सपठित धारा 13 (दो) पीसी एक्ट।
किसान चरन सिंह, जीशान दलाल, ओम प्रकाश, अर्पण कुमार डाटा एंट्री आपरेटर, विक्रमजीत सिंह, मनदीप सिंह, हरमिंदर सिंह, दिलबाग और हीरा लाल पर धारा 420, 465, 466, 471, 474, 120 बी 34 आईपीसी, 8/9 पीसी एक्ट।