करोड़ों के एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के 35 आरोपी किसान अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं, जबकि इनमें से 12 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट तक जारी हो चुके हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र हो जाए तो न केवल गवाहों के लिए सुविधा होती, बल्कि सुनवाई में भी तेजी आती।
ऊधमसिंह नगर के एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन एडीएम (वित्त) प्रताप शाह ने 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जांच के लिए शासन स्तर पर एसआईटी गठित की गई थी।
एसआईटी ने इस घोटाले में पीसीएस अधिकारी, राजस्व कर्मियों एवं किसानों समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया था। बावजूद इसके अब भी इस घोटाले में नामजद 35 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। बताया जाता है कि फरार आरोपियों में से आधा दर्जन से अधिक आरोपी तो गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग चुके हैं, जबकि 18 आरोपी अपने पते पर नहीं मिल रहे हैं।
ये हैं फरार आरोपी
अजमेर सिंह भरतपुर, बलवंत सिंह गिन्नीखेड़ा, गगनदीप कौर बघेलेवाला, लक्ष्मी देवी आलापुर, अंजू जैन आलापुर, दलजीत कौर बिचपुरी, मीरा अग्रवाल सुभाषनगर, संतोष गुप्ता सुभाषनगर, सुखजिंदर कौर ताली फार्म, हरप्रीत कौर ताली फार्म, हरजिंदर कौर ताली फार्म, जरनैल सिंह मुकंदपुर, रामनारायण, तरुण शर्मा, उदित, परिणिता निझावन, जसपाल, महिपाल, वीरपाल, सुरेश कुमार, ईश्वरी प्रसाद (सभी निवासी बरा पुलभट्टा)
इनके खिलाफ जारी हुए हैं गैर जमानती वारंट
बलजीत कौर लालपुर, दलविंदर सिंह लालपुर, जसवंत सिंह महेशपुरा, मोहित अग्रवाल सुभाषनगर, भाग सिंह किशनपुर, अवतार सिंह मुड़ियानी, रमिंदर मुड़ियानी, दिलशेर सिंह मुड़ियानी, प्रभसरन केलाखेड़ा, नरेंद्र पाल टांडा आजम, अरविंद सिंह टांडा आजम, मोहन लाल टांडा आजम।