नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने उत्तराखंड के नैनीताल में रामनगर स्थित गंगा नदी में बिना शोधन के अपशिष्ट छोड़े जाने को लेकर उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को कड़ी फटकार लगाई है। मामले में तीनों की ओर से पेश काउंसिल की दलीलों को सुनने के बाद ग्रीन पैनल ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की। ग्रीन पैनल ने उत्तराखंड जल संस्थान और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के काउंसिल से पूछा है कि, आखिर आज तक क्या किया। क्यों नहीं अब तक एसटीपी को लेकर काम हुआ?
इस पर प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से पेश काउंसिल ने कहा कि उन्होंने करीब 16 नगर निगम के खिलाफ केस दर्ज कराए हैं। साथ ही 150 से ज्यादा नोटिस भी दिए गए हैं। बावजूद इसके अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। मसलन, क्षेत्र में 52 एमएलडी वेस्ट सीधे नदी में जाता है। जबकि मौजूद एसटीपी प्लांट 40 एमएलडी का है।