धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवार एक फरवरी से पॉलीथिन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। हरिद्वार के साथ ही ऋषिकेश में भी पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों का अनुपालन कराने में प्रशासन लोगों को पॉलीथिन के दुष्प्रभाव बताकर जागरूक करने और इसके अन्य विकल्पों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहे थे। लेकिन अब समझाने का दौर समाप्त हो गया है। कोई पॉलीथिन का प्रयोग करते पाया गया तो पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।
पिछले एक पखवाड़े से प्रशासन पॉलीथिन के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए हुए थी। खुद जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ ज्वालापुर बाजार का दौरा कर व्यापारियों को पॉलीथिन के बैग की बजाय कपड़े के थैलों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया था।
महानगर व्यापार मंडल और कटहरा बाजार व्यापार मंडल के सहयोग से भी जागरूकता अभियान चलाया गया था। रविवार को जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बताया कि एक फरवरी से पॉलीथिन और प्लास्टिक की बिक्री और प्रयोग करने पर हरिद्वार में पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
वसूला जा सकता पांच हजार रुपये तक का जुर्माना
हरिद्वार में अगर कोई प्रयोग करते पाया जाता है तो पांच हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। डीएम ने सभी व्यापारियों और आम जनता से अभियान की सफलता के लिए सहयोग की अपील की है।
पांच टीमें गठित
जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बताया कि पॉलीथिन और प्लास्टिक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को पूरी तरह लागू एवं सफल बनाने के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें अपर सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी, नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी की अगुवाई में काम करेंगी। टीमों में पुलिस, नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के कर्मचारी शामिल हैं।
जागरूकता की जरूरत
एक पखवाड़े से शहर में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में अब प्लास्टिक की केन, प्लास्टिक की चटाई आदि की बिक्री हो तो रही है लेकिन काफी कमी आई है। लेकिन अन्य क्षेत्र की दुकानों में अभी स्थिति बहुत ज्यादा नहीं बदली है। लोगों को और ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है।
प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। व्यापारियों और जनता को पॉलीथिन का प्रयोग प्रतिबंधित करने के लिए आग्रह किया जा रहा है। इसके जल्द सुखद परिणाम सामने आएंगे।
- ओमप्रकाश जमदग्नि, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल