नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तराखंड सरकार को स्वच्छ गंगा के लिए दिए गए आदेश का उल्लंघन होने पर जमकर फटकार लगाई है। साथ ही सरकार से कहा है कि सरकार दो हफ्तों के भीतर ट्रिब्युनल को विस्तृत हलफनामा दाखिल कर बताए कि गंगा को लेकर 10 दिसंबर, 2015 को दिए गए फैसले का कितना पालन किया गया है।
ग्रीन बेंच ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह हलफनामा सचिव स्तर से नीचे के अधिकारी का नहीं होना चाहिए। इसके अलावा ग्रीन बेंच ने हरिद्वार और उधम सिंह नगर में स्थित अवैध होटल और इंडस्ट्री को भी तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को एमसी मेहता के मामले की सुनवाई की। बेंच का यह आदेश हाल ही में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि नए वर्ष के मौके पर एनजीटी के आदेश का उल्लंघन कर ऋषिकेश में गंगा किनारे कैंपिंग गतिविधि की गई है।