करीब 15 दिन की नवजात बालिका के खरीद-फरोख्त की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन और बाल संरक्षण विभाग में हड़कंप मच गया। संयुक्त टीम ने जांच की तो पता चला कि मामला दत्तक ग्रहण का है। इसके बाद टीम ने दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देकर दत्तक ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी कराईं।
चाइल्ड हेल्पलाइन को बीते मंगलवार को नवजात बालिका के बेचने की सूचना मिली थी। सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों पक्षों से जानकारी लेने के साथ ही स्थानीय स्तर पर जांच की।
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जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार के अनुसार, जांच में प्रकरण दत्तक ग्रहण से संबंधित पाया गया। टीम ने संबंधित पक्षों को दत्तक ग्रहण के लिए कानूनी प्रावधानों और प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद अगले दिन बुधवार को दोनों पक्षों और गवाहों की मौजूदगी में पौड़ी स्थित उप-पंजीयक कार्यालय में हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम के प्रावधानों के तहत जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। प्रकरण में बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मोहित कुमार और विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के प्रतिनिधि अभिषेक नेगी की भूमिका रही।