हर्षिल के साथ बगोरी, धराली और झाला आदि में भी होटल व होमस्टे मालिकों को पर्यटकों की अच्छी बुकिंग मिली है। पर्यटकों के स्वागत में यहां हर्षिल मुख्य बाजार से लेकर ककोड़ागाड पुल तक लड़ियों व बैलून लाइट से सजावट की गई है। रात्रि के समय यह सजावट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पर्यटन कारोबारी माधवेंद्र रावत और एसएस टोलिया का कहना है कि पर्यटकों के आने से हर्षिल में रौनक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
हर्षिल में कहां-कहां घूम सकते हैं पर्यटक
हर्षिल में बॉलीवुड राम तेरी गंगा मैली की शूटिंग हुई थी। इस फिल्म में दिखाए गए पोस्ट ऑफिस के साथ ही पर्यटक हर्षिल से लगे गंगा ग्राम बगोरी का भ्रमण कर सकते हैं। यहां बौद्ध मंदिर व प्राचीन स्थापत्य कला में निर्मित लकड़ी के आकर्षक भवन बनाए गए हैं। हर्षिल से कुछ दूर मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव, धराली व छोलमी भी चंद कदमों की दूरी पर है। हर्षिल में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं। इसके अलावा गंगा मंदिर, कल्प केदार व पंचमुखी महादेव मंदिर भी दर्शनीय हैं।
हरि-शीला से बना हर्षिल
हर्षिल नाम की उत्पति हरि-शीला से हुई है। कहा जाता है कि सतयुग में देवी भागीरथी और जालंधरी के बीच बहस हो गई। दोनों की बहस होती देख भगवान विष्णु ने बीच-बचाव का मन बनाया और पत्थर की शीला का रूप धारण किया। इस शिला ने दोनों ही देवियों के क्रोध को अपने अंदर समाहित किया। जिसके बाद दोनों का क्रोध शांत हो गया। इसके बाद दोनों ही नदियां शांत रूप में बहने लगी। इस कारण पहले इस जगह का नाम हरि-शीला और फिर हर्षिल पड़ा।