उत्तराखंड की 10 हजार करोड़ की परियोजनाओं का खर्च केंद्र उठाएगा। राज्य सरकार ने केंद्र को अपनी प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की सूची केंद्र सरकार को भेज दी है।
कोरोनाकाल में आर्थिक रूप से झटका खाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य से बाह्य सहायतित योजना के तहत पूर्व में भेजी गई परियोजनाओं में से सर्वोच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की सूची मांगी थी। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से पत्र भेज दिया गया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने इस पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है।
इन सभी योजनाओं का 80 से 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बाह्य सहायतित योजनाओं के करीब 16 प्रोजेक्ट केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। कुछ परियोजनाओं को आर्थिक मामलों के विभाग से सहमति भी मिल चुकी है।
एक-दो के लिए फंडिंग एजेंसी भी तय हो चुकी है। लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद बदली आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से प्राथमिकता वाले प्रोजेक्टों के प्रस्ताव मांगे थे। केंद्र में विचाराधीन 16 में से आठ परियोजनाओं पर सरकार और शासन स्तर पर पिछले कुछ दिनों में गहन मंथन हुआ। मंथन के बाद आठ परियोजनाओं के प्रस्ताव भेज दिए गए है।
सौंग बांध परियोजना पहले स्थान पर
केंद्र को भेजे गए प्रस्तावों में सौंग बांध परियोजना को पहले स्थान पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र में यह प्रस्ताव पहले से विचाराधीन है। इसके बाद दूसरे स्थान पर जमरानी बांध परियोजना है। इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों में अवस्थापना विकास, सहासिक खेल एवं पर्यटन अवस्थापना, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका विकास और मसूरी और देहरादून में उच्च कोटी की परिवहन सुविधा का विकास शामिल है।
नए साल में इन प्रोजेक्टों के लिए होगा धन का इंतजाम
1. सौंग बांध परियोजना: 1200 करोड़ की लागत का यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस साल परियोजना का शिलान्यास होना है। इससे देहरादून को अगले 50 साल तक पीने का पानी मिलेगा।
2.जमरानी बांध परियोजना:करीब 2400 करोड़ लागत के इस परियोजनाओं से भी सिंचाई, बिजली उत्पादन और पेयजल की समस्या का समाधान होगा।
3.उत्तराखंड एकीकृत औद्यो विकास परियोजना: करीब 250 करोड़ लागत के इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में उद्यानिकी के तकनीकी विकास और इसके माध्यम से लोगों की आजीविका में बढ़ोतरी की योजना है।
4.ऋषिकेश में अवस्थापना सुविधा विकास परियोजना: 700 करोड़ की इस योजना से ऋषिकेश में अवस्थापना विकास के कार्य होंगे। पर्यटन, तीर्थाटन और योग नगरी के तौर पर विकसित इस शहर में नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा।
5.दूसरी श्रेणी के नगरों में अवस्थापना विकास परियोजना : करीब 1300 करोड़ की इस परियोजना के तहत राज्य के दूसरी श्रेणी के उन नगरों में अवस्थापना विकास के कार्य होने हैं, जहां आबादी का निरंतर दबाव बढ़ रहा है।
6.ग्रामीण उद्यम आजीविका त्वरित विकास योजना: यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका आधारित होगी।
7.टिहरी झील एवं समवर्ती क्षेत्र विकास परियोजना: लगभग 1200 करोड़ की इस योजना के तहत टिहरी झील के आसपास अवस्थापना विकास के कार्य होंगे।
8.मसूरी देहरादून नगर में उच्च कोटि की परिवहन सुविधा : यह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का दूसरा चरण होगा। करीब 1400 करोड़ की इस परियोजना को भी आर्थिक मामलों के विभाग से स्वीकृति है। प्रोजेक्ट के तहत देहरादून में स्मार्ट रोड और उच्च कोटि की परिवहन सुविधा का विस्तार होगा।
बाह्य सहायतित योजना के तहत आठ परियोजनाओं की प्राथमिकता का पत्र केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इन प्रस्तावों पर हमें जल्द स्वीकृति प्राप्त होने की उम्मीद है। सौंग बांध और जमरानी बांध परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।
- ओम प्रकाश, मुख्य सचिव