बदरीनाथ हाईवे पर अब लामबगड़ भूस्खलन जोन बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र में मुस्तैद सेना के जवानों की राह में रोड़ा नहीं अटकाएगा। लामबगड़ में करीब 500 मीटर नया हाईवे बनकर तैयार हो गया है। इस बार की तीर्थयात्रा इसी मार्ग से होकर गुजरेगी।
बदरीनाथ हाईवे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। चीन सीमा क्षेत्र के माणा घाटी को जोड़ने वाला यह एकमात्र वाहनों की आवाजाही का साधन है, लेकिन वर्ष 1999 के भूकंप के बाद से लामबगड़ भूस्खलन जोन दिक्कतें पैदा कर रहा है।
यहां चट्टानी भाग के करीब 400 मीटर हिस्से में भूस्खलन हो रहा है। लामबगड़ के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए अक्तूबर 2016 में लोनिवि (एनएच) ने 96 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अलकनंदा साइट से ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया।
करीब 500 मीटर तक हाईवे का नवनिर्माण किया गया। अब हाईवे तैयार हो गया है। बदरीनाथ धाम के आगामी यात्रा सीजन में वाहन इसी नए मार्ग से संचालित होंगे। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आगामी मार्च माह से नए हाईवे का डामरीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। हाईवे पर चट्टान साइड सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
बरसात में नहीं होगी समस्या
बरसात के समय लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे कई दिनों तक बंद रहता है, जिससे सेना की रसद व अन्य सैन्य सामग्री लेकर जा रहे सेना के वाहन भी जाम में फंस जाते थे। अब यह स्थिति नहीं आएगी। बरसात में भी सेना के वाहनों की निरंतर आवाजाही बनीं रहेगी।