उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए सहायक के मानकों में बदलाव होगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इसमें जल्द ही जरूरी बदलाव किए जाएंगे। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं के लिए सहायक उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है।
नियम यह है कि सहायक संबंधित छात्र या परीक्षा दे रही छात्रा से छोटी कक्षा का होगा। इतना ही नहीं उसके संबंधित कक्षा में 45 फीसदी से अधिक अंक नहीं होने चाहिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश एवं कुछ अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्था है। उत्तराखंड में यूपी के समय से ही यह व्यवस्था चली आ रही है।
दृष्टि बाधित दिव्यांग छात्रों की मांग पर वह परीक्षा के दौरान सहायक रख सकते हैं। इसके अलावा परीक्षा के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इस वजह से किया गया है यदि सहायक समान कक्षा में होगा या फिर परीक्षा देने वाले छात्र-छात्रा से बड़ी कक्षा का होगा तो वह खुद ही प्रश्न के उत्तर लिखने लगेगा।