देसी शराब की दुकानों पर समुद्र आयातित बीयर की बिक्री की अनुमति नहीं
आगामी 31 मार्च मेट्रो शराब की आपूर्ति दर, देय एमजीडी, एक्साइज ड्यूटी, थोक लाइसेंस संबंधी नियम काये तय कर दिए जाएंगे। मेट्रो शराब फलों और वनस्पतियों के स्वाद से युक्त उच्च गुणवत्ता युक्त स्प्रिट से प्रदेश की डिस्टीलरियों में ही बनेगी। इसके अलावा भी नई आबकारी नीति में कई तरह की नई व्यवस्थाएं की गई हैं। देसी शराब की दुकानों पर समुद्र आयातित बीयर की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, इन दुकानों से देश में निर्मित बीयर को बेचा जा सकेगा।
बीयर हो जाएगी महंगी
नए वित्तीय वर्ष से बीयर महंगी होने जा रही है। इस बार बीयर को अधिभार की परिधि में लाया गया है। इसके साथ ही इस पर हैंडलिंग चार्ज भी लगाया गया है। इससे माना जा रहा है कि सभी तरह की बीयर पहले से काफी महंगी हो जाएगी। इसके साथ ही शराब के दामों पर भी इस बार असर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि नई व्यवस्थाओं से प्रदेश में शराब पहले से अधिक महंगी हो जाएगी। नशा विरोधी प्रचार प्रसार के लिए इस बार एक करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
कहीं भी हो सकेगा शराब का परिवहन
दुकानदार अपनी शराब को जिले और प्रदेश में कहीं भी ले जा सकते हैं। इसके लिए जिले में यदि किसी दूसरी दुकान पर ले जाना है तो 50 रुपये प्रति पेटी शुल्क देना होगा। जबकि, जिले से बाहर ले जाने के लिए इस शुल्क को 100 रुपये किया गया है। परिवहन के लिए आबकारी आयुक्त से अनुमति ली जाएगी। हालांकि, इस परिवहन की ओर से इसको तभी किया जा सकेगा जब राजस्व की हानि न होने की गारंटी दी जाए।
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दूसरा विभाग नहीं करेगा दुकानों की चेकिंग
दरअसल, विभिन्न तरह की शिकायतों पर अन्य विभाग भी शराब के ठेकों पर चेकिंग कर सकते हैं। मसलन टैक्स, पुलिस आदि। लेकिन, अब इसकी अनुमति शर्तों के साथ दी जाएगी। इसके लिए 48 घंटे पहले जिलाधिकारी से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद ही चेकिंग की जा सकती है। ऐसे में माना यह भी जा रहा है कि यदि अनियमितताओं की शिकायत आज है तो दो दिन बाद वह रहेंगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं।