प्रदेश में पेड़ों के कटान के लिए नियम-कानून बनकर तैयार हो गया है। इसमें पेड़ों के काटने की संख्या तय कर दी गई है। शासन ने ट्री प्रोटेक्शन एक्ट फाइनल कर दिया है। इसे तैयार करने में 12 साल लग गए। अब इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाना है। फिर विधानसभा में प्रस्तुत होने के बाद यह एक्ट प्रदेश में लागू हो जाएगा।
प्रदेश में अभी तक यूपी के वन संरक्षण अधिनियम-1976 पर काम किया जा रहा था। यूपी और उत्तराखंड की स्थिति भिन्न होने के कारण विभाग को काम करने में दिक्कत आ रही थी। नया अधिनियम प्रदेश के लिहाज से तैयार किया गया है।
आम आदमी का रखा ध्यान
अधिनियम में पेड़ों की कटान को न्यूनतम करने के साथ ही आम आदमी की सुविधा को ध्यान में रखा गया है। इसमें व्यवस्था की गई है कि आम व्यक्ति को पेड़ों की कटान की अनुमति जल्दी से जल्दी मिल जाए, लेकिन जो लोग अवैध तरीके से पेड़ काटते हैं, उन पर सख्ती हो।