योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि देश में ‘राजनीतिक असहिष्णुता’ चरम पर हैं और इसी चलन के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशान साधा जा रहा है।
वह बृहस्पतिवार रात भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश की लिखी किताब ‘देव से महादेव’ के विमोचन के अवसर पर पहुंचे थे। उन्होंने देश में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता को खारिज किया।
मंदिर मुद्दे पर न हो राजनीति
रामदेव ने कहा कि मैने एक बार भी देश में धार्मिक असहिष्णुता नहीं देखी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत मेरे समेत देश के सवा करोड़ लोग राजनीतिक असहिष्णुता का शिकार हैं।
रामदेव ने भगवान राम को ‘भारत की आत्मा और राष्ट्रीय गर्व’ बताते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लोगों के विश्वास के साथ जुड़ा है।