बदरीनाथ धाम में अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधिकारी और कर्मचारी धोती में नजर आएंगे। किसी वीआईपी के आने पर सिर्फ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी ही उनसे मिल सकेंगे।
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समिति के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यही नहीं मंदिर परिसर में बीकेटीसी से जुडे़ लोग मोबाइल फोन का प्रयोग भी नहीं कर पाएंगे।
नई नियमावली तैयार
बीते दिनों बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) के दिल्ली में महिला से छेड़छाड़ के मामले में जेल जाने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने अपने अधिकारी और कर्मचारियों पर भी लगाम कसनी शुरू कर दी है।
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जोशीमठ में तीन दिनों तक चले मंथन के बाद बीकेटीसी ने रावल के साथ ही अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई आचरण नियमावली तैयार की है।
पुरस्कृत होंगे अधिकारी-कर्मचारी
बदरीनाथ धाम में असहाय और शारीरिक अक्षम तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ के दर्शन करवाने के बाद नियत स्थान पर छोड़ने में सहयोग करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मंदिर समिति यात्रा के बाद पुरस्कृत भी करेगी।
इनका है कहना
दो दिनों तक मंथन के बाद चार मार्च को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारी और कर्मचारियों की आचरण नियमावली बना दी गई है। समिति की बोर्ड बैठक में भी नियमावली को पारित कर दिया गया है। आचरण नियमावली को आगामी यात्रा से लागू कर दिया जाएगा।
-बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी, बीकेटीसी जोशीमठ