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चार बेटियों ने पिता को मुखाग्नि देकर ऋण उतारा

Thu, 06 Mar 2014 05:36 PM IST
अमर उजाला, बागेश्वर
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तमाम सामाजिक मान्यताओं को दरकिनार करके उत्तराखंड के बागेश्वर में चार सगी बहनों ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इन बेटियों ने यह संदेश दिया है कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं।
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ठाकुरद्वारा निवासी 93 वर्षीय पानदेव जोशी का मंगलवार देर रात निधन हो गया। बुधवार सुबह उनकी सरयू और गोमती के संगम तक शवयात्रा निकाली गई। उनकी छह बेटियां ही हैं।

परंपराओं को दरकिनाकर किया
पानदेव जोशी की चार बेटियों मोहिनी पांडे, हेमा भट्ट, सीमा शर्मा और छाया जोशी ने परंपराओं को दरकिनाकर कर न केवल पिता की अर्थी को कंधा दिया बल्कि उनकी चिता को बेटियों ने मुखाग्नि भी दी।
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भतीजे भुवन चंद्र जोशी ने उनका सहयोग किया। क्रियाकर्म की रस्म भतीजे ही पूरी करेंगे।

चारों बेटियों ने कहा कि माता-पिता का ऋण किसी भी तरह नहीं चुकाया जा सकता है। चारों बेटियां शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। उनकी दो अन्य बेटियां पुष्पा कांडपाल और बेला भट्ट भी पहुंची थी।

छह सौ बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ा था
घर में जोशी की पत्नी कमला देवी हैं। श्री जोशी हिंदुस्तान मोटर्स आंध्र प्रदेश में थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में करीब छह सौ बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ा था।

उनके निधन पर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष गीता रावल, पूर्व अध्यक्ष सुबोध साह, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विक्रम शाही, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, नगर अध्यक्ष बसंत बल्लभ पांडे, अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद भंडारी, नवीन परिहार, लाल सिंह दीवा और मदन मोहन तिवारी आदि ने शोक जताया है।
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