उसे मां की गोद में या पालने में होना चाहिए था। उसके अगल-बगल बधाई देने वालों का तांता लगा होना चाहिए था। खूब सारे खिलौने होने चाहिए थे। वो रोती तो पूरा घर उसे चुप कराने के लिए तमाम जतन करते। मगर अफसोस... इस ‘परी’ की खुशियों के सारे ‘पर’ उसकी निर्मोही मां ने इसे जन्म देने के एक-दो दिन बाद ही कतर दिए।
मंगलवार को यह नवजात झाड़ियों में कूड़े की तरह पड़ी मिली। संयोग से एक व्यक्ति ने ‘परी’ के रोने की आवाज सुनी और उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां वह स्वस्थ है।
मंगलवार सुबह किसी ने पुलिस को सूचना दी कि सुभाष नगर में एक किराना स्टोर के सामने खाली प्लाट में झाड़ियों में नवजात बच्ची पड़ी है।
पहला अभिभावक बनते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से नन्ही ‘परी’ के संबंध में जानकारी ली लेकिन कोई भी कुछ बता नहीं सका। इसके बाद पुलिस ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया।