नेस्ले श्रमिकों के सामने मुसीबतों का दौर शुरू हो गया है। उत्पादन बंद होने के बाद ठेकेदार के अधीन कार्यरत 850 श्रमिकों को काम पर न आने के लिए कह दिया गया है।
उत्तराखंड में मैगी का उत्पादन पंतनगर स्थित नेस्ले फैक्ट्री 2006 से कर रही है। यहां 900 स्थायी श्रमिक हैं जबकि ठेकेदार के अधीन 1100 अस्थायी श्रमिक काम करते हैं। लेकिन नेस्ले की मैगी में एमएसजी पाए जाने के बाद इसके उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगने के बाद 4 जून से यहां मैगी का उत्पादन बंद है।
इस बीच, श्रम विभाग के अफसरों ने गोपनीय जांच कर फैक्ट्री का मौका-मुआयना किया तो यह पाया कि रात की शिफ्ट में आने वाले पांच सौ श्रमिकों को अब दिन में ही बुलाया जा रहा है, जबकि 1100 अस्थायी श्रमिकों में से 850 को काम पर आने से मना कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार करीब 250 अस्थायी श्रमिकों को ही हाउस कीपिंग, सिक्योरिटी, साफ-सफाई के लिए बुलाया जा रहा है।
नेस्ले में 900 स्थायी श्रमिकों के अलावा 1100 अस्थायी श्रमिक कार्यरत हैं, मगर 1100 में से 250 ही काम पर बुलाए जा रहे हैं। इसका कारण फैक्ट्री में काम का न होना बताया जा रहा है। फिलहाल श्रमिकों को निकाले जाने की कोई सूचना नहीं है।
- पीसी तिवारी, सहायक श्रमायुक्त