भले ही नेपाल में आए जलजले ने काठमांडू में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है, लेकिन इस जलजले से पूरे नेपाल को हिला दिया है। उत्तराखंड की सीमा पर झूलाघाट से लगे नेपाल के बैतड़ी गांव में अमर उजाला रिपोर्ट पहुंचा तो जनजीवन रेंगता हुआ दिखाई दिया।
यहां के हालात सामान्य नहीं है। पश्चिमांचल के इस नगर में हालांकि भूकंप से कोई नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन देश के अन्य नगरों की व्यवस्थाएं छिन्न भिन्न हो जाने का असर बैतड़ी पर भी पड़ा है।
बैतड़ी से काठमांडू के लिए नियमित बससेवा तीसरे दिन भी बंद रही। काठमांडू से कुछ पहले थानकोट में सड़क फट गई है। संचार सेवाएं अभी भी अस्त व्यस्त हैं। एनसेल, नेपाल टेलीकाम, नमस्ते और स्काई की सेवाएं अभी सुचारु नहीं हो पाई हैं।
अलबत्ता इन कंपनियों ने जीरो बैलेंस में काल की सुविधा अपने ग्राहकों को देने का ऐलान किया है। मोबाइल के फ्लैक्सी रिचार्ज नहीं हो पा रहे हैं। कांतिपुर टीवी चैनल काम करने लगा है। सुदूर पश्चिमांचल के लोगों को अब अपने देश की राजधानी में मची तबाही की जानकारी मिलने लगी है।
बैतड़ी से काठमांडू के बीच में फटी पड़ी है सड़क
न्यूज 24, नेपाल टेलीविजन, ऐबी न्यूज, सागरमाथा टेलीविजन, तराई टेलीविजन का प्रसारण पूरी तरह बंद है। बैतड़ी में गैर सरकारी महासंघ की आज बैठक हुई। भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। राष्ट्रीय वाणिज्य बैंक की शाखा में बाकायदा खाता खोला गया है।
बैतड़ी के प्रमुख कस्बा गोठलापानी से आसपास के इलाकों को निजी वाहनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन दूर के लिए बस सेवा बंद है। बैतड़ी में खाने पीने के सामान की कमी नहीं है क्योंकि धनगढ़ी और भारतीय कस्बा झूलाघाट से वहां सामान आसानी से पहुंच रहा है।
नेपाल के पत्रकार डीबी चंद ने बताया कि जब तक राजधानी तक बससेवा शुरू नहीं हो जाती तब तक स्थिति सामान्य नहीं कही जा सकती है। बैतड़ी से काठमांडू के बीच एक हजार किलोमीटर की दूरी में कहां-कहां सड़क फटी है, इसका पता नहीं लग पाया है।
वाहन धनगढ़ी से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। बैतड़ी के जुलाघाट कस्बे के मनोहर लाल श्रेष्ठ, हरीश जोशी, देवकी पनेरू, मंजू भट्ट, विकास भट्ट, प्रतिक्षा श्रेष्ठ, लक्ष्मण लाल श्रेष्ठ ने कहा कि काठमांडू में हालात बहुत खराब हैं।