भारत की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट पर लिपुलेख तक सड़क बनाने से बौखलाए नेपाल ने भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने नक्शे में शामिल तो किया ही है साथ ही सीमा पर सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा दी हैं।
नेपाल ने भारतीय सीमा के निकट स्थित छांगरू में बॉर्डर आउट पोस्ट हाल ही में स्थापित की है। छांगरू बीओपी स्थापित होने के बाद नेपाल सेनाध्यक्ष का यह पहला निरीक्षण था। इधर सीमा पर नेपाल सेना की गतिविधियां बढ़ने के बाद भारतीय सैन्य एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। एसएसबी ने भी पूरी भारत-नेपाल सीमा पर गश्त कड़ी कर दी है।
जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला से लेकर व्यास घाटी के कालापानी तक नेपाल सीमा के महाकाली नदी किनारे एसएसबी ने सुरक्षा बढ़ा दी है। जवान यहां हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है।
कालापानी विवाद और लिम्पिया धुरा को अपने नक्शे में दर्ज करने बाद से सीमा पर सेना, आईटीबीपी और एसएसबी अधिक मुस्तैदी के साथ सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं। जवान नदी क्षेत्र में कांबिंग कर हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
एसएसबी के 11वीं वाहिनी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप का कहना है कि उनके जवान जौलजीबी से लेकर कालापानी तक दिन रात सजग एवं सतर्क होकर नेपाल सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। साथ ही नेपाल के सुरक्षा कर्मियों के संपर्क भी कर रहे हैं। फिलहाल नेपाल और चीन सीमा में शांति है।