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Uttarakhand: सरकारी वेबसाइट पर नीर वाटरफॉल का नाम नहीं, वर्ष भर सैलानियों से गुलजार रहता है झरना

Mon, 02 Mar 2026 01:09 PM IST
Renu Saklani मुनीश रियाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश

सार

सरकारी वेबसाइट पर नीर वाटरफॉल का नाम ही नहीं है। यह झरना वर्ष भर सैलानियों से गुलजार रहता है। पर्यटक स्थल को देखने एवं आनंद उठाने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।

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नीर वाटरफॉल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जिस नीर झरने की खूबसूरती देखने देश-विदेश से पर्यटक खिंचे चले आते हैं, उसे सरकारी सिस्टम ने कागजों (वेबसाइट) में भुला दिया है। एनआईसी टिहरी की साइट पर झरने (नीर वाटरफॉल) का नाम न होने से स्थानीय लोगों का पारा चढ़ गया है। ग्रामीणों के विरोध के बीच अब विभाग अपनी इस भूल को सुधारने की बात कह रहा है।

नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के टिहरी की जो साइट है, उसमें टिहरी जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में नई टिहरी, धनोल्टी, काणाताल, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर और चंबा का नाम दर्ज है। इसमें नीर वाटरफॉल का नाम नहीं है।

नीर वाटरफाॅल ऋषिकेश से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बदरीनाथ हाईवे से इसकी दूरी दो किलोमीटर है। यहां पर्यटक मनोरम दृश्य देखने व झरने के नीचे नहाने के लिए आते हैं। एनआईसी साइट में नीर वाटरफॉल का नाम दर्ज न होने से क्यार्की के ग्राम लक्की रावत, शूरवीर रावत, विकास कैंतुरा ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि एनआईसी की साइट पर वाटरफॉल का न होना गलत है।

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- एनआईसी की साइट पर नीर वाटरफॉल का रहना चाहिए। एनआईसी की साइट पर नाम जुड़वाने के लिए जिला पर्यटन अधिकारी, प्रभारी एनआईसी टिहरी और एसडीएम नरेंद्रनगर को पत्र लिखा जाएगा, जिससे नीर वाटरफॉल का नाम जुड़ सके। - त्रिलोक सिंह, अध्यक्ष, नीर झरना विकास समिति

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- एनआईसी की साइट से नीर झरना नाम नहीं होने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इस बारे में संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर नाम जुड़वाया जाएगा। - सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी गढ़वाल

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