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गजब : ऑनलाइन परीक्षा देहरादून में और कंप्यूटर चल रहा था रिमोट से, पढ़ें कैसे हुई हाईटेक नकल

Wed, 18 Sep 2019 11:59 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • नेवी की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में पहली बार सामने आई हाईटेक नकल
  • कंप्यूटर रिमोट ऑपरेशन की मदद से खुद ब खुद हल हो रहा था पेपर
  • नाबालिग के खिलाफ परीक्षा आयोजक कंपनी ने दर्ज कराया मुकदमा
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प्रतीकात्मक - फोटो : pexels.com
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विस्तार
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नकल के मामले में सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ऑनलाइन परीक्षा में एक किशोर ने सेंध लगा दी। मामला है सहसपुर के जेबीआईटी में हुई इंडियन नेवी की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा का। नकल के इस अजब मामले से न केवल परीक्षा आयोजक बल्कि पुलिस भी हैरान है। परीक्षा कराने वाली तमिलनाडु की कंपनी ने मंगलवार को किशोर के खिलाफ तहरीर दे दी। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

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जेबीआईटी में सोमवार को नेवी की नौसैनिक भर्ती (सीनियर सेकेंडरी रिक्रूटमेंट) परीक्षा हुई। यह परीक्षा ऑनलाइन थी। परीक्षा में एक कैंडिडेट ने अपना कंप्यूटर रिमोट तकनीकी की मदद से हैक करा लिया। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई तो कैंडिडेट का सिस्टम बाहर से ऑपरेट होने लगा। बिना माउस पर हाथ लगाए प्रश्नों के उत्तरों पर क्लिक होने लगे। एक के बाद एक सवालों के हल खुद होता देख परीक्षा केंद्र ऑब्जर्वर के कान खड़े हो गए। उन्होंने कैंडिडेट की हरकतें देखनी शुरू की तो पूरा मामला समझ में आता चला गया। पता चला कि कैंडिडेट का कंप्यूटर बाहर से रिमोट तकनीक से ऑपरेट हो रहा था।

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ऐसे किया कंप्यूटर हैक

बाहर बैठा कोई व्यक्ति उस कैंडिडेट के कंप्यूटर पर सवाल देखकर उनके जवाब भर रहा था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, परीक्षा केंद्र के ऑब्जर्वर ने यह मामला पकड़ा। उन्होंने आरोपी कैंडिडेट को परीक्षा देने से रोक दिया। उन्होंने इसकी जानकारी दिल्ली मुख्यालय को भेजी। मंगलवार को तमिलनाडु की परीक्षा आयोजक कंपनी ने किशोर के खिलाफ सहसपुर थाने में तहरीर दे दी। थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि आरोपी परीक्षार्थी नाबालिगहै। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। मामले में आईटी एक्सपर्ट से भी सलाह दी जा रही है।

हर कंप्यूटर में कंप्यूटर असिस्टेंट एप्लीकेशन होती है। इस एप्लीकेशन की मदद से कंप्यूटर कहीं भी बैठकर रिमोट से चलाया जा सकता है। इसके तहत कंप्यूटर का आईपी एड्रेस और पासवर्ड बाहर बैठे व्यक्ति को बताया जाता है। इसके बाद बाहर बैठा व्यक्ति कहीं से भी सिस्टम ऑपरेट कर सकता है। आईटी एक्सपर्ट अमन के मुताबिक, बाजार में कई ऐसे एप्लीकेशन भी हैं जो कि फ्री वेयर हैं। इनकी मदद से बेहद आसानी से कोई भी कंप्यूटर बाहर बैठकर चलाया जा सकता है।
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