इन दिनों अधिकमास (पुरुषोत्ताम मास) चल रहा है। मांगलिक कार्य अटक गए हैं। अब नवरात्र का इंतजार है। नवरात्र से ही शुभ लग्न शुरू हो सकेंगे।
चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि अधिकमास में विवाह, गृह प्रवेश, चूड़ा-कर्म, नाम करण व अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माने जाते हैं।
18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक अधिकमास रहेगा। इस दौरान पंडितों के पास काम नहीं होगा। अधिकमास के कारण इस बार नवरात्र एक महीने देरी से आ रहा है। जबकि हर बार पितृ पक्ष खत्म होने के बाद नवरात्र शुरू होते हैं।