इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि कोरोना के साथ डेंगू का प्रहार इंसान के जीवन के लिए बहुत खतरे वाला हो सकता है। कोरोना में जहां पर फेफड़ों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हार्ट, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के मरीजों के लिए भी मुसीबत रहती है।
इसके साथ ही अगर डेंगू बुखार हो गया तो प्लेटलेट्स की कमी और हेमोरेजिक डेंगू होने का भी डर रहता है। नगर निगम और शासन-प्रशासन अगर दिन के समय फागिंग लगातार करता रहे तो काफी हद तक डेंगू के मच्छर को खत्म किया जा सकता है।
... तो प्लेटलेट्स की हो जाएगी भारी किल्लत
अगर डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ता है तो मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए काफी दिक्कतों से जुड़ना पड़ेगा। आमतौर पर डेंगू बुखार में ज्यादा दिक्कत होने पर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की भी जरूरत पड़ती है। कोरोना काल में ब्लड बैंकों में खून की भी बहुत कमी है। सभी ब्लड बैंकों में नाममात्र का ही खून बचा है। ऐसे में दिक्कत और बढ़ सकती है।
इस सीजन में अभी तक जिले में डेंगू के कोई भी मरीज नहीं आए हैं। डेंगू के मच्छर और लारवा को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग नगर निगम व आशाओं के साथ लगातार फागिंग और अन्य जागरूकता अभियान चला रहा है। जनता से भी अपील है कि अभी डेंगू का सीजन गया नहीं है। इसलिए अपने घरों, दफ्तरों और आसपास पानी जमा न होने दें। वह साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- सुभाष जोशी, जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी