केंद्र सरकार ने आगामी दो वर्षों के लिए मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नई गतिविधियों के संचालन के लिए 4.12 लाख, गर्भवती महिलाओं को दुर्गम क्षेत्र से सड़क तक लाने और प्रसव के बाद घर पहुंचाने के लिए 262 अतिरिक्त डोली पालकी के लिए 78.60 लाख, 34 एफआरयू के सुदृढ़ीकरण के लिए 89.90 लाख, आशा एवं एनएनएम को एडवोकेसी टूल के लिए 41.44 लाख की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। प्रदेश में 13 वन स्टॉप सेंटर और 27 सीएचसी बर्थ वेटिंग होम के संचालन के लिए 34 लाख की धनराशि एवं यूबीटी किट एवं ट्रेनिंग के लिए 34 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएचएम के तहत आगामी दो वर्षों के लिए विभिन्न परियोजनाओं के तहत करीब 1100 करोड़ रुपये की पीआईपी भेजी गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
- डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री