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National Girl Child Day: गुलदार से भाइयों को बचाने वाली बहादुर बेटियों का हुआ सम्मान, बोलीं- थैंक्यू अमर उजाला

Wed, 24 Jan 2024 08:27 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

National Girl Child Day 2024: अमर उजाला में बहादुर बेटियों की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदेश सरकार की ओर से इनको पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया। सम्मान पाकर बहादुर बेटियां बोलीं बहुत खुश हैं, थैंक्यू अमर उजाला।
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बहादुर बेटियों का सम्मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने उत्तराखंड की उन बहादुर बेटियों को सम्मानित किया। जिसने साहस का परिचय देते हुए गुलदार से अपने भाइयों की जान बचाई थी। चार जनवरी 2024 को अमर उजाला ने इन बहादुर बेटियों की खबर प्रकाशित की थी।

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उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की ओर से राजभवन में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने श्रीनगर के देवलगढ़ भटोली निवासी 10 वर्षीय आराधना और सहसपुर जिला देहरादून की 10 वर्षीय बालिका नाजिया को सम्मानित किया। आराधना ने अपने सात वर्षीय छोटे भाई प्रिंस और नाजिया ने अपने तीन भाइयों की गुलदार से जान बचाई थी। राज्यपाल ने दोनों बच्चियों को प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही राज्यपाल ने बाल संरक्षण आयोग की ओर से बनाए गए बाल विधायकों भूमिका रौथाण, दीक्षा खर्कवाल, काजल कश्यप एवं सुमेधा उपाध्याय को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया। बाल कल्याण के कार्यों के लिए राज्यपाल ने गीतिका शर्मा, प्रज्ञा भारद्वाज, राजेन्द्र प्रसाद, गुरप्रीत सिंह एवं मंजू शर्मा को सम्मानित किया।


 

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लड़कों की तुलना में बेटियों की संख्या अधिक होना एक सुखद बदलाव : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, जब भी प्रदेश में किसी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में डिग्री या अवॉर्ड दिए जाते हैं तो लड़कों की तुलना में बेटियों की संख्या अधिक होती है जो एक सुखद बदलाव है। राष्ट्रीय बालिका दिवस हमारी प्रतिबद्वता को दोहराने और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने का एक अवसर है। यह बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है। आज के दिन का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और बालिका शिक्षा, उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा, नशामुक्ति केंद्रों के लिए नियमावली बनाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि किड्स स्कूल में किस तरह से शोषण हो रहा है। आयोग के सदस्य दीपक गुलाटी ने कहा, बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। जो हमारे सुनहरे भविष्य की नींव हैं। उन्हें शिक्षित और सशक्त बनाने का संकल्प लें। कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, आयोग के सचिव प्रदीप सिंह रावत, सदस्य विनोद कपरवाण, अजय वर्मा, रेखा रौतेला,कैलाश पंत, मूरतराम नौटियाल, विश्वास रावत,राजू बिंद्रा, शादाब शम्स, मुकेश कुमार, विनय रोहिला आदि मौजूद रहे।

पुरस्कार पाकर बहादुर बेटियां बोलीं- थैंक्यू अमर उजाला
उत्तराखंड में कई बहादुर बच्चे हैं। जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाई है, लेकिन जिलों से इन बच्चों का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नहीं भेजा जा सका। अमर उजाला में चार जनवरी 2024 को इस तरह के बच्चों की खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को राजभवन में आराधना और नाजिया को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सम्मानित किया। सम्मान पाकर बहादुर बेटियां बोली सम्मानित होकर बहुत खुश हैं, थैंक्यू अमर उजाला।

आराधना अपने पिता उत्तम सिंह के साथ राजभवन पहुंची हुई थी। उत्तम सिंह ने बताया कि उनकी बेटी राजकीय जूनियर हाईस्कूल भटोली की कक्षा सातवीं की छात्रा है। उसने गुलदार से उनके छोटे बेटे प्रिंस की जान बचाकर अपने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। राजभवन में यह सम्मान पाकर उसने उनका गौरव बढ़ाया है। आराधना की मां कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देहरादून नहीं आ पाई, लेकिन बेटी की इस उपलब्धि पर वह बेहद खुश हैं। 

बहादुर बेटी नाजिया अपने पिता नाजीम अली और मां रुबीना के साथ राजभवन पहुंची थी। नाजीम अली ने बताया कि नाजिया राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर की कक्षा पांचवीं की छात्रा है। नाजिया उस दिन गुलदार के हमले वाली घटना से अब भी ठीक से उबर नहीं पाई है। घटना के बारे में पूछे जाने पर उसकी आंखें भर आई। उसने बताया कि उसने किस तरह से गुलदार के आने पर अपने भाई वसीम, नदीम और नसीम को अंदर खींच लिया। जबकि गुलदार अहसान को उठा ले गया। नाजिया ने बताया वह भविष्य में डाक्टर बनना चाहती है।

छूने चली आसमान देखो, एक नन्ही सी जान देखो
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में बेटियों पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। बाल आयोग के सहयोग से डा.गौरी बिष्ट की ओर से बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को खूब सराहा गया। छूने चली आसमान देखो, एक नन्ही सी जान देखो गीत पर आधारित इस डॉक्यूमेंट्री के बारे में राज्यपाल ने कहा, यह मन से बनाई गई बहुत सुंदर डॉक्यूमेंट्री है, इस संदेश का प्रचार प्रसार होना चाहिए।
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